Non Veg Shayari For Chingari

non veg comedy shayari in hindi For Chingari

  • कई रास्तों पर चलकर देखा सब जा पहुंचे उसी पड़ाव पर
    न गुजरे जो उस पड़ाव से मिल जाए तो चलूँ उस रास्ते पर
  • जिसे शिद्दत से चाहो वो मुद्दत से मिलता है
    बस मुद्दत से ही नहीं मिला कोई शिद्दतसे चाहने वाला
    Er kasz

non veg shayari with image For Chingari

  • कुछ फितरत ही अपने दौडने की थी
    नहीँ तो जहाँ ठहर जाते वही मंजिल थी
  • पैसों से बंदूके मिलती हैं हिम्मत और जिगर नहीं
    जिस दिन हम से सामना होगा सारी गर्मी निकल जाएगी

non veg shayari hindi gali For Chingari

  • उनसे कहना की क़िस्मत पे ईतना नाज ना करे
    हमने बारिश मैं भी जलते हुए मकान देखें हैं
    er kasz
  • मेरी हँसी में भी कई ग़म छुपे हैं डरता हूँ
    बताने से कहीं सबका प्यार से भरोसा न उठ जाए

non veg shayari in gujarati For Chingari

  • कुछ तो बात होगी मेरे शायरी के अल्फाज़ो में
    यूँही तो नहीं दुनियां मेरी शायरी को अपने स्टेटस लगाती है
  • मैं किसी से बेहतर करुं क्या फर्क पड़ता है
    मै किसी का बेहतर करूं बहुत फर्क पड़ता है
    Er kasz

non veg shayari for dost For Chingari

  • फुलो सा खुबसुरत चेहरा हैं आपका हर दिल दिवाना है आपका
    लोग कहते है चाँद का टुकडा है आप लेकिन हम कहते है चाँद टुकडा है आपका
  • इश्क इश्क का जमाने में फर्क क्या होता है
    कही इश्क की जरूरत होती है
    और कही जरूरत का इश्क होता है
    er kasz

non veg shayari and jokes in hindi For Chingari

  • आँखों से पानी गिरता है तो गिरने दीजिये
    कोई पुरानी तमन्ना पिघल रही होगी
  • कुछ इस तरह वो मेरी बातों का ज़िक्र किया करती है
    सुना है वो आज भी मेरी फिक्र किया करती है

non veg shayari in english For Chingari

  • मोबाइल के एक फोल्डर में तेरी तस्वीरें इकठ्ठा की है मैंने
    बस इसके सिवा और ख़ास कुछ जायदाद नहीं है मेरी
  • सिलवटें ही सिलवटें थी बिस्तर पर सुबह
    यादों की करवटें ही करवटें थी रात भर

hindi non veg shayari 2016 For Chingari

  • चलो आज करते हैं शेर ओ शायरी का मुक़ाबला
    तुम ले आओ मीर ग़ालिब फ़राज़ की किताबें मैं सिर्फ अपने महबूब की तारीफ करूँगा
  • खिंच चुके है मासूम जो नकाब चेहरों से खुद ही गिर जाएँगे एक दिन
    न बेकार समय गँवा कुछ सच्चे चेहरे तलाश

non veg shayari for friend insult For Chingari

  • कितनी मासुम सी ख़्वाहिश थी इस नादांन दिल की
    जो चाहता था कि शादी भी करूँ और ख़ुश भी रहूँ
    Er kasz
  • मुझे ढूंढने की कोशिश न किया कर पगली
    तूने रास्ता बदला मैंने मंज़िल ही बदल दी
    er kasz

non veg shayari to insult someone For Chingari

  • दिन हुआ है तो रात भी होगी हो मत उदास कभी बात भी होगी
    इतने प्यार से दोस्ती की है जिन्दगी रही तो मुलाकात भी होगी
  • तुमने कहाँ हम याद नहीं आएँगे तुम्हें फिर
    बताना ज़रा ये सुबह-सुबह हमारा ज़िक्र क्युँ बोलो

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