Aashiqui Shayari For Dearest

shayari on aashiq For Dearest

  • कयामत से कम नही है तेरा मेरी गली से गुजर जाना
    मुस्कराना, पीछे मुडकर देखना और निकल जाना
  • bohut soch samjh kar rotha karo
    Q ke apno ko manane ki riwaaz khatam ho gaya hai

katil husn hindi shayari For Dearest

  • हम तो फूलों की तरह अपनी आदत से बेबस हैं
    तोडने वाले को भी खुशबू की सजा देते हैं
  • Hamari fitrat Achi batain

aashiqui shayari in hindi font For Dearest

  • तेरी झील सी आँखों मे डूबना चाहता हूं
    साथ तेरे में जिंदगी अपनी बिताना चाहता हूँ
    रहता हूँ आजकल तेरे हुस्न के नशे में चूर
    पास तेरे आकर होश में अपना गवांना चाहता हूँ
  • काश कोई पैमाना होता मोहब्बत मापने का
    तो हम शान से आते तेरे सामने #सबूत के साथ

aashiq mizaaj shayari For Dearest

  • जमाने में तन्हाई का आलम तो देखिए
    हम खुद ही ताकते है ले लेकर सेल्फियाँ
  • jisko sunna aye usko bolne ki zarurat hi nahi
    Q ke phir uska qaram bolta hai uska waqt bolta hai

aashiq shayari 2 line For Dearest

  • ajeeb silsila अच्छी शायरी
  • kisi ko neend aati hai magar khuwabo se nafrat karta hai
    kisi ko khuwab se piyaar hai magar wo so nahi pata

funny aashiqui shayari For Dearest

  • kabhi kabhi hum dusro ko sahara dene main
    is qadar kho jate hai ke humein pata hi nahi chalta
    k hum kab be sahara ho gaye
  • achi soch hindi

    हम इसलिए तुमसे मोहब्बत करते हैं
    कि हमारा तो कोई नहीं, तुम्हारा तो कोई हो

    ham isalie tumase mohabbat karate hain
    ki hamaara to koy nahin, tumhaara to koy ho

aashiqui status download For Dearest

  • ajeeb silsila

    बहुत अजीब सिलसिले है इस मोहब्बत और इश्क के 

    कोई वफा के लिए रोया कोई वफा करके रोया

  • ऐ ज़ालिम जिंदगी तू कैसे कैसे सितम कर जाती है
    जितनी मेरी उम्र नहीं उससे ज्यादा जख्म दे जाती है

aashiqui status in hindi For Dearest

  • कोई सस्ता सा इलाज हो तो बताना
    एक गरीब को इश्क हुआ है मँहगाई के इस दौर में
  • Kamiyan to mujhme bhi bahot hain

    *कमियाँ तो मुझमें भी बहुत है,*

    *पर मैं बेईमान नहीं।*

    *मैं सबको अपना मानता हूँ,*

    *सोचता फायदा या नुकसान नहीं।*

    *एक शौक है अपनी मर्जी से जीने का,*

    *कोई और मुझमें गुमान नहीं।*

    *छोड़ दूँ बुरे वक़्त में आपनों का साथ,*

    *वैसा मैं इंसान नहीं।*

aaski shayari For Dearest

  • मुमकिन नही है हर नजर में बेगुनाह रहना
    कोशिश करें कि खुद की नजरों में #बेदाग हों
  • जिंदगी जला दी हमने जब जैसी जलानी थी
    अब धुऐं पर तमाशा कैसा और राख पर बहस कैसी

pagal aashiq shayari For Dearest

  • aaj mane ke baad

    तुम्हे ये शक है की तेरे लिए जान ना दे पाऊंगा 

    मुझे ये दर है की तो रोए गी मुझे आजमाने के बाद 

  • baat karne se hi baat banti hai par
    baat na karne se aksar baatien ban jaati hai

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