Dil SMS For Chingari

dil to pagal shayari For Chingari

  • ये संगदिलों की दुनिया है; यहाँ संभल के चलना ग़ालिब; यहाँ पलकों पे बिठाया जाता है; नज़रों से गिराने के लिए।
  • Phir Teri Yaad Phir Teri Talash Phir Teri Baten,
    Dekho Na Dayra-E-Zindagi Mera Tum Tak Simat Gaya.

dil udaas shayari For Chingari

  • देख लेते जो मेरे दिल की परेशानी को,
    आप बैठे हुए ज़ुल्फ़ें न सँवारा करते।
    Dekh Lete Jo Mere Dil Ki Pareshani Ko,
    Aap Baithhe Huye Zulfein Na Sanwara Karte.
  • Meri Bahar-o-Khizan Jiske Ikhtiyar Me Thi,
    Mijaaz Uss Dil-e-Be-Ikhtiyar Ka Na Mila.

shayari dil aur dimag For Chingari

  • Gumnaami Ka Andhera Kuchh Iss Tarah Chha Gaya Hai,
    Ke Daastan Ban Ke Jeena Bhi Humein Raas Aa Gaya Hai.
    गुमनामी का अँधेरा कुछ इस तरह छा गया है,
    कि दास्ताँ बन के जीना भी हमें रास आ गया है।
  • तुम आज हँसते हो हंस लो मुझ पर ये आज़माइश ना बार-बार होगी; मैं जानता हूं मुझे ख़बर है कि कल फ़ज़ा ख़ुशगवार होगी; रहे मोहब्बत में ज़िन्दगी भर रहेगी ये कशमकश बराबर; ना तुमको कुर्बत में जीत होगी ना मुझको फुर्कत में हार होगी; हज़ार उल्फ़त सताए लेकिन मेरे इरादों से है ये मुमकिन; अगर शराफ़त को तुमने छेड़ा तो ज़िन्दगी तुम पे वार होगी।

dil chule shayari For Chingari

  • उसे लगता है कि उसकी चालाकियाँ
    मुझे समझ नहीं आती,
    मैं बड़ी खामोशी से देखता हूँ
    उसे अपनी नजरों से गिरते हुए।
  • ग़म-ए-दिल अब किसी के बस का नहीं,
    क्या दवा क्या दुआ करे कोई तेरे लिए।

dil love shayari 2020 For Chingari

  • अभी जिन्दा हूँ लेकिन सोचता रहता हूँ खल्वत में
    कि अब तक किस तमन्ना के सहारे जी लिया मैंने !!…
  • Log Mujhe Bura Kehte Aur Bura Samjhte Hain,
    Kuchh Na Kuchh Sachchai To Jaroor Hogi Unki Baaton Mein.

dil shayari wallpaper download For Chingari

  • उतर जाते हैं कुछ लोग, दिल में इस कदर,
    जिन्हें दिल से निकालो तो, जान निकल जाती है।
  • Maykhane Se Poocha Aaj Itna Snnata Kyu Hai,
    Bola Saahab Lahu Ka Dour Hai Sharab Kon Peeta Hai.

tuta dil shayari 2 line For Chingari

  • Ek Lafz Mohabbat Ka Itna Sa Fasaana Hai,
    Simte Toh Dile Aashiq Bikhre Toh Zamana Hai.
  • Bhra Hai Sheesha-E-Dil Ko Nayi Mohabbat Se,
    Khuda Ka Ghar Tha Jahan Sharab-Khana Hua.

shayari dil se 2 lines For Chingari

  • चीखें भी यहाँ गौर से सुनता नहीं कोई; अरे किस शहर में तुम शेर सुनाने चले आये! फ़राज़
  • tere gurur ko dekh kar teri tamanna chhodi humne
    zra hum bhi to dekhein kaun chahta hai tumhein hamari tarah
    हमने तो एक ही शख्स पर चाहत ख़त्म कर दी
    अब मोहब्बत किसे कहते है मालूम नहीं

dil shayari marathi For Chingari

  • Dil De To Is Mijaj Ka Parwerdigar De,
    Jo Ranjh Ki Ghadi Bhi Khushi Se Gujar De.
  • Dilo Ki Baat Bhale Karta Ho Jamana,
    Magar Mohabbat Aaj Bhi Chehron Se Hi Hoti Hai.

dil shayari images For Chingari

  • tujhe inkaar hai mujhse mujhe ikraar hai tujse
    to khafa hai mujhse mujhe chahat hai tujse
  • Achhi Surat Najar Aate Hi Machal Jata Hai,
    Kisi Aafat Me Na Daale Dil-E-Nasad Mujhe.

dil roya shayari For Chingari

  • रास्ते में पत्थरों की कमी नहीं है; मन में टूटे सपनो की कमी नहीं है; चाहत है उनको अपना बनाने की मगर; मगर उनके पास अपनों की कमी नहीं है।
  • जो आँसू दिल में गिरते हैं वो आँखों में नहीं रहते; बहुत से हर्फ़ ऐसे हैं जो लफ़्ज़ों में नहीं रहते; किताबों में लिखे जाते हैं दुनिया भर के अफ़साने; मगर जिन में हक़ीक़त हो वो किताबों में नहीं रहते।

dil shayari hindi For Chingari

  • Kaam Ab Koyi Na Aayega Bas Ek Dil Ke Siwa,
    Raste Band Hain Sab Kucha e Qatil Ke Siwa.
  • मेरी ख़बर तो किसी को नहीं मगर अख़्तर ; ज़माना अपने लिए होशियार कैसा है।

dil shayari with images For Chingari

  • हमने सोचा कि सिर्फ हम ही उन्हें चाहते हैं; मगर उनके चाहने वालों का तो काफ़िला निकला; मैंने सोचा कि शिकायत करू खुदा से; मगर वह भी उनके चाहने वालों में निकला!
  • Jis Nagar Bhi Jaao Kisse Hain Kambkhat Dil Ke,
    Koi Le Ke Ro Raha Hai Koi De Ke Ro Raha Hai.

dil tutna shayari For Chingari

  • Koi khusiyo ki chah main roya,
    Koi dukhon ki panah main roya,
    Ajeeb silsila hai ye zindagi ka,
    Koi bharose ke liye roya,
    Toh koi bharosa karke roya. ??
  • तलब की राह में पाने से पहले, खोना पड़ता है…
    बड़े सौदे नज़र में हो तो छोटा होना पड़ता है…!!

dil fek shayari For Chingari

  • दर्द के मिलने से ऐ यार बुरा क्यों माना; उस को कुछ और सिवा दीद के मंज़ूर न था।
  • जिनका मिलना मुकद्दर में लिखा नहीं होता,
    उनसे मोहब्बत कसम से बा-कमाल होती है।

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